100+ बेवफा शायरी 😭😭 Bewafa Shayari in Hindi

Bewafa Shayari Hindi

दोस्तों मैं आज आपके लिए लेकर आया हूं बेहतरीन Bewafa Shayari Hindi उम्मीद करता हूं यह बेवफा शायरी आपको बहुत पसंद आएगी और आप अपने उन दोस्तों के साथ शेयर जरूर करेंगे जिनको ऐसा शायरी पसंद हो.

Bewafa Shayari Hindi

शायरी नहीं आती मुझे बस हाले दिल सुना रही हूँ; बेवफ़ाई का इलज़ाम है, मुझपर फिर भी गुनगुना रही हूँ; क़त्ल करने वाले ने कातिल भी हमें ही बना दिया; खफ़ा नहीं उससे फिर भी मैं बस, उसका दामन बचा रही हू.

भुला कर हमें वो खुश रह पाएंगे, साथ में नही तो मेरे जाने के बाद मुस्कुरायेंगे, दुआ है खुदा से की उन्हें कभी दर्द न देना, हम तो सह गए पर वोह टूट जायेंग

चले जाने दो उस बेबफा को किसी और की बाँहों में, जो इतनी चाहत के बाद मेरा ना हुआ वो किसी और का क्या होगा

एक बेबफा के जख्मो पे मरहम लगाने हम गए मरहम की कसम मरहम न मिला मरहम की जगह मर हम गए !

कोई जुदा हो गया कोई कफा हो गया यह दूनिया के लोगों को क्या हो गया जिस सजदा मैं मुझे उस को मागना था रब सा अफ़सोस वोही सजदा क़हा हो गया

समज़ते है की पत्थर है हम, उनको ठोकर मार जाएँगे ,
एक बार कह दे नफ़रत है हम से, खुदा कसम पत्थर तो क्या, फूल बन कर भी उनकी राह मे नही आएँगे.

उन्होंने जो किया ये शायद उनकी फितरत है! अपने लिये तो प्यार एक इबादत है! न मिले उनसे तो मरकर बता देंगे! कि कितनी मुहब्बत है इस दिल में!

हम अपनी वफ़ा का यकीन तुमको दिला ना सके, तुमसे दूर गये क्या फिर पास आ ना सके, इस कदर टूट कर पर किया तुझे के, तेरे जाने के बाद हम किसी और के हो ना सके .

मेरा ख़याल ज़ेहन से मिटा भी न सकोगे; एक बार जो तुम मेरे गम से मिलोगे; तो सारी उम्र मुस्करा न सकोगे।

सह लिया है हर दर्द हमने हस्ते-हस्ते, उजड़ गया है मेरा घर बस्ते-बस्ते. अब वफ़ा करे भी तो कैसे करे, वफ़ा करने गया तो बेवफ़ाई ही मिली है रस्ते-रस्ते.।

जान कर भी वो मुझे जान ना पाए, आज तक वो मुझे पहचान ना पाए, खुद ही कर ली बेवफ़ाई हमने, ताकि उनपर कोई इल्ज़ाम ना आए.

वफ़ा के नाम से वो अंजन थे, किसी की बेवफ़ाई से शायद परेशान थे, हुँने वफ़ा देनी चाही तो पता चला, “हम खुद ही बेवफा” के नामसे बदनाम थे.

सामने आकर चाहे जान से मार डालो, मगर पीछे से बद्दुआ दिया ना करो, हाल भी ना जानो मेरा बर्बादी के बाद, इतने भी सनम पत्थर दिल हुआ ना करो.

उमर की राह मे रस्ते बदल जाते हैं, वक्त की आंधी में इन्सान बदल जाते हैं, सोचते हैं तुम्हें इतना याद न करें, लेकिन आंखें बंद करते ही इरादे बदल जाते है

झुकी पलको से उनका दीदार किया था, सब कुछ भूलके उनका इंतेज़ार किया था. वो समज ना सके मेरे जज़्बात कही, जिन्हे ज़िंदगी मे सबसे ज़्यादा प्यार किया था.

bewafai ki shayari Hindi

मालूम नही हे की कैसे ज़रूरत निकल आई, उस मासूम चहेरे की शराफ़ात निकल आई, वो खुश हे मूझे बर्बाद करके, और मे खुश हू की उसके अहेसान की कीमत निकल आई.

दूर चले गये तेरी दुनिया से और टुजे अलविदा भी ना कह सके, तेरी सादगी भी इतनी हसीन थी के टुजे बेवफा भी ना कह सके.

दुनियाँ को इसका चेहरा दिखाना पड़ा मुझे; पर्दा जो दरमियां था हटाना पड़ा मुझे; रुसवाईयों के खौफ से महफिल में आज; फिर इस बेवफा से हाथ मिलाना पड़ा मुझे।

क्यूँ लफ्ज़ ढूंढते हो मेरी ख़ामोशी में तुम मेरी आखों मैं देखो , तुम्हे कई फसाने मिलेंग

मेरी नाराज़गी पर हक़ मेरे अहबाब का है बस; भला दुश्मन से भी कोई कभी नाराज़ होता है।

bewafai ki shayari Hindi

खुद मेरा पता नही हम कैसे जी लेते हे, तो दुनिया की हालत हम कैसे बताए आपको, गये थे हम मोहब्बत की जंग जीतने, दिल पर ज़ख़्म खाकर वापस लौट आए हे.

क्या बताऊँ मेरा हाल कैसा है; एक दिन गुज़रता है एक साल जैसा है; तड़पता हूँ इस कदर बेवफाई में उसकी;
ये तन बनता जा रहा कंकाल जैसा है।

जो वादा किया है वो निभाना होगा, एक दिन लौट कर तुम्हे आना होगा, दिल तोड़कर मुस्कुरा रहे हो आज, देखना एक दिन तुम्हे भी पछताना होगा…

काफ़िर हुए थे जिस की मोहब्बत में कल हम; आज वही शख्स किसी और के लिए मुस्लमान हो गया।

बहाने कुछ और काम कुछ और हुवा करते हे, बाते कुछ और ,यादे कुछ और किया करते हे. उम्मीद भी लगी उनसे, जिनकी चले कुछ, और मौहरे और हुवा करते हे.

मोहब्बत ने हमपर ये इल्जाम लागाया है वफा कर के भी बेवफा का नाम पाया है राहे अगल नही थी हमारी फिर भी हमने अगल अगल मंझील को पाया है !

मोहब्बत करे तो लगता हे जैसे, मौत से भी बड़ी ये एक सज़ा हे जैसे, किस किस से शिकायत करे हम, जब अपनी हे तक़दीर हे बेवफा हो.

आज अभी उनकी नज़र में राज़ वही था , चेहरा वही था चेहरे का लिबास वही था , कैसे उन्हें बेवफा कह दूं आज भी उनके देखने का अंदाज़ वही था !

वो खून करके मेरे दिल का बेगुनाह कहलाते हे, छेड़कर मेरे ज़ख़्मो को बेशर्मी से मुस्कुराते हे. बड़े बेदर्द होते हे वो हसीन अदा ओ वाले, जो चहेरे से बड़े हे मासूम नज़र आते हे.

बेवफाई उसकी मिटा के आया हूँ; ख़त उसके पानी में बहा के आया हूँ; कोई पढ़ न ले उस बेवफा की यादों को; इसलिए पानी में भी आग लगा कर आया हूँ।

bewafa shayari urdu

जिस गुलशन को मैने लहू से सजाया था, हर फूल को मैने खून-ए-जिगर पिलाया था, उससे वीरान कर दिया तेरी बेवफ़ाई ने, और मैने तुझको वफ़ा की देवता बनाया था.

उनकी आँखो मे इस कदर का नूर हे की, उनके ख़यालो मे रोना भी मंज़ूर हे. बेवफा भी नही कहे सकते उन्हे क्यू की,
प्यार तो हमने किया था वो तो बेकसूर हे.

आग दिल मे लगी जब वो खफा हुए, महसूस हुआ तब, जब वो जुदा हुए, कर के वफ़ा कुछ दे ना सके वो, पर बहुत कुछ दे गये जब वो बेवफा हुए.

एक तेरी खातिर परेशाँ हूँ मैं; टूटे दिलों की जुबाँ हूँ मैं; तूने ठुकराया जिसको अपनाकर; उसी दीवाने का गुमां हूँ मैं।

आकाश मे डूबा एक प्यारा तारा हे, हमको तो किसी की बेवफ़ाई ने मारा हे, हम उनसे अब भी मोहब्बत करते हे,
जिसने हमे मौत से भी पहेले मारा हे.

bewafa shayari urdu

मिलने की आस तन्हाई होती हे, वफ़ा की आस बेवफा होती हे, दिल मे जीने की उमंग समाई होती हे, पता नही किसको क्या मिले, क्योकि किस्मत रब की बनाई होती हे.

इश्क के इस दाग का एक बेवफा से रिश्ता है इस दुनिया में सदियों से आशिक का ये किस्सा ह

उनको कहो के ये कागज का लिबास उतार दे, अगर बारिश आएगी तो अपने आप को कहा छिपाएगे.

लगाया है जो दाग तूने हमें बेवफ़ा सनम; हाय मेरी पाक मुहब्बत पर; लगाये बैठे हैं इसे अपने सीने से हम;
प्यार की निशानी समझ कर।

मत बहा आंसुओं में जिंदगी को; एक नए जीवन का आगाज़ कऱ; दिखानी है अगर दुश्मनी की हद तो; ज़िक्र भी मत कर, नज़र अंदाज़ कर।

ज़ख़्म जब मेरे सीने के भर जाएँगे; आँसू भी मोती बनकर बिखर जाएँगे; ये मत पूछना किस किस ने धोखा दिया;
वरना कुछ अपनो के चेहरे उतर जाएँगे।

मोहब्बत करके देखि तो मोहब्बत को पहचान लिया, वफ़ा सिर्फ नाम कि बात हे ये सिर्फ बेवफाई का फ़साना हे.

आग दिल में लगी जब वो खफा हुए; महसूस हुआ तब, जब वो जुदा हुए; करके वफ़ा कुछ दे न सके वो पर बहुत कुछ दे गए जब वो बेवफा हुए।ये सिर्फ बेवफाई का फ़साना हे.

हसी की राह मे गम मिले तो क्या करे, वफ़ा के नाम पर बेवफा मिले तो क्या करे. कैसे बचे ज़िंदगी मे धोके बाजो से, कोई हस के धोका दे तो हम क्या करे.

लोग तो अपना बना कर छोड देते हैं, कितनी आसानी से गैरों से रिश्ता जोड लेते हैं, हम एक फूल तक ना तोड सके कभी.. कुछ लोग बेरहमी से दिल तोड देते हैं..

bewafa shayari in hindi for girlfriend

फुल हो तुम मुरझाना नहीं साथ छोड़ के कभी दूर जाना नहीं जब तक हम जिन्दा है अ दोस्त कभी किसी से घबराना नही

वो जो अपना था हुंसे है खफा, पता नही किस से हुई थी क्या ख़ाता, बे-वजह दिल नही टूट-ता किसी का, तुम थे या हम थे बेवफा

बेवफा है दुनिया किसी का ऐतबार ना करो, हर पल देते है धोका किसी से प्यार ना करो, मिट जाओ बेशाक़ तनहा जी कर, पर किसी के साथ का इंतज़ार ना करो.

चाहने वालो को यू सताया नही जाता, बेवफाओ को भी यू भुलाया नही जाता. हम तो तुम्हारे ही है,तुम्हारे ही थे,आपनो को यू ज़िंदगी मे तडपाया नही जाता.

सब कुछ है मेरे पास पर दिल की दवा नहीं, दूर वो मुझसे हैं पर मैं खफा नहीं, मालूम है अब भी प्यार करते है मुझसे, वो थोडा सा जिद्दी है, मगर बेवफा नही

bewafa shayari in hindi for girlfriend

अपने दिल को आख़िर दुखाना है, और बहारो मे घर सज़ाना है, तो प्यार अक्सर एक बेवफा से करो, अगर मोहब्बत को आजमाना है.

मेरी मौत के सबब आप बने; इस दिल के रब आप बने; पहले मिसाल थे वफ़ा की; जाने यूँ बेवफ़ा कब आप बने।

वफ़ा के नाम से वोह अनजान थे! किसी की बेवफाई से शायद परेशान थे! हमने वफ़ा देनी चाही तो पता चला! हम खुद बेवफा के नाम से बदनाम थे!

इश्क ए मोहब्बत मे कभी ऐसे तस्वीर भी होगी, हमे क्या पता के किसी बेवफा के लिए शायरी भी लिखनी होगी .

हर दिल का ज़ख़्म धो लेते हे, आंशु ओ के जाम से. इतनी बेवफ़ाई करो की, नफ़रत हो जाए लड़की ओ के नाम से.

वो बेवफा मेरा इम्तिहान क्या लेगी, मिलेगी नज़रो से तो नज़र तक झुका देगी, उसे मेरी कबर पे दिया जलाने को मत कहेना, वो तो नादान हे कही अपना हाथ जला देगी.

ए खुदा तूने हम दीवानो का, ये कैसा नसीब बनाया है, जितनी खुशिया दूर जाती है, उतना ही गम करीब आया है.

आपके प्यार ने दिया सुकून इतना, के आपके सिवा ना कोई प्यारा लगे, बेवफ़ाई करनी हे तो इस तरह से करना, के आपके बाद कोई बेवफा ना लगे.

वो दिल की लगी को अदा समजने लगे, दो पल रुठ के गुज़रे जफ़ा समजने लगे, वो क्या जाने मे कितना रोया उनके बिन, वो बिन सोचे समजे बेवफा समजने लगे.

मत रख हमसे वफा कि उम्मीद, हमने हर दम बेवफाई पाई हे. मत धुंढ हमारे जिस्म पे ज़ख्मो के निशान, हम ने हर चोट दिल पे खाई हे.

sad bewafa shayari Hindi

अब तो हम तेरे लिए अजनबी हो गये बातो के सिलसिले भी कम हो गये खुशियो से ज़्यादा हमारे पास गम हो गये क्या पता ये वक़्त बुरा है या बुरे हम हो गये…

तुने जो मिटा डाला था मुझको बेवफा; मेरी पाक मुहब्बत की एक तासीर अभी बाकी है।

हर धड़कन मे एक राज़ होता है, हर बात को बताने का एक अंदाज़ होता है, जब तक ठोकर ना लगे बेवफ़ाई की, हर किसी को आपने प्यार पे नाज़ होता है.

हमने अपनी सांसो पर उनका नाम लिख लिया, नही जानते थे की हमने कुछ ग़लत किया, वो प्यार का वादा हमसे करके मुकर गये, खैर उनकी बेवफ़ाई से कुछ तो सबक लिया.

ज़ख़्म जब मेरे सिने के भर जाएँगे; आँसू भी मोती बनकर बिखर जाएँगे; ये मत पूछना किस किस ने धोखा दिया; वरना कुछ अपनो के चेहरे उतर जाएँगे।

यू तो कोई तन्हा नही होता, चाहकर किसी से कोई जुदा नही होता, मोहब्बत को मजबूरिया ही ले डूबती है, वरना खुशी से कोई बेवफा नही होता.

शहर में हमदम पुराने बहुत थे नासिर; वक़्त पड़ने पर मेरे काम ना आया कोई।

ग़मों की बरसात समेटे बैठा हूँ , किसी बेवफा से धोखा खाया बैठा हूँ , जाने कब देगा उपरवाला मुझे मौत , खुदा के भरोसा आस लगाये बैठा हू

बेख़बर तुझे क्या खबर; तेरी आँखों मई कैसा जमाल है; तुझे देख ले जो बस इक नज़र; उस की आँखों मे फिर यह सवाल है!

एक आग लगाई सिने मे मेरे, और उसका माज़ा भी लेते रहे, शोलो का तमाशा भी देखा उसने, और आँचल से हवा भी देते रहे.

वफ़ा के नाम से वो थोड़े अंजान थे, किसी की बेवफ़ाई से शायद थोड़े परेशान थे, जब हमने वफ़ा देनी चाही तब पता चला के, हम खुद बेवफा के नाम से बदनाम थे. –

पत्थर से दिल लगाने से पहेले देख लेते, की वो धड़क रहा हे के नही. उनपर ऐतबार ना करते हम अगर, तो ज़िंदगी मे ठोकर ना खाते हम कभी.

मुहब्बत ज़िंदगी बदल देती है.. मिल जाए….तो भी ना मिले……..तो भी.. !

बड़ी हसीन थी ज़िंदगी.. जब ना किसीसे मुहब्बत ना किसी से नफ़रत थी! ज़िंदगी में एक मोड़ ऐसा आया मुहब्बत उससे हुई और नफ़रत सारी दुनिया से हो गयी.

अब तो हम तेरे लिए अजनब हो गया बातो के सिलसिले भी कम हो गया खुशियो से जुआदा हमारे पास गम हो गया क्या पता ये वक़्त बुरा है या बुरे हम हो गय

bewafa sanam shayari Hindi

कोई वादा नही फिर भी तेरा इंतेज़ार है, जुदाई के बाद भी तुमसे प्यार है, तेरे चेहरे की उदासी दे रही है गवाही, मुजसे मिलने को तू अब भी बेकरार है.

इंनकार करते करते, इकरार कर बैठे, हम तो एक बेवफा से प्यार कर बैठे.

कैसी है यह हमारी तक़दीर, हर तरफ दागा ही पाया है.
दिल मे तो है प्यार ही प्यार लेकिन, हर तरफ बेवफाओ को ही पाया है.

वो जो अपना था हुंसे है खफा, पता नही किस से हुई थी क्या ख़ाता, बे-वजह दिल नही टूट-ता किसी का, तुम थे या हम थे बेवफा…

मौत माँगते है तो जिन्दगी खफा हो जाती है, जहर लेते है तो वो भी दवा हो जाती है, तू ही बता ऐ दोस्त क्या करूँ, जिसको भी चाहा वो बेवफा हो जाती है..

bewafa sanam shayari Hindi

मोहब्बत मे जी गया कोई प्यार मे मर गया कोई, मोहब्बत आग को सागर हे फिर भी उतार गया कोई, प्यार मे ज़ख़्म का किस्सा बहोत पुराना हे दोस्तो, ज़ख़्म दे गया कोई तो ज़ख़्म भर गया कोई

मोहब्बत करने वालो मे भी अक्सर ये सिला देखा हे, जिन्हे अपनी वफ़ा पे नाज़ था, उन्हे भी बेवफा देखा हे.

हमने तो बेवफा के भी दिल से वफ़ा किया इसी सादगी को देखकर सबने दगा किया मेरी टिशनगी तो पी गयी हर जख्म के आँसू गर्दिश मे आके हमने अपना घर बना लिया

समजते थे हम उनकी हर एक बात को, वो हर बार हमसे धोका देते थे, पर हम भी वक़्त के हातो मजबूर थे, जो हर बार उनको मौका देते थे.

कच्चे धागे सा इक झटके मे टूट जाए, ऐसा दिल मुझे मिला है. उस पर हर गहरा दर्द भी मुझे अपनो से मिला है. जब जब बनाना चाहा है किसी को अपना, तोहफे मे बक्शी गयी मुझे बस जुदाई और रुसवाई है. क्या हुआ जो आज फिर संग मेरे तन्हाई है.

किसी का हाथ लेकर हाथ मे जब तुम मिले हमसे, तो कैसे टूट के बिखरा था मेरा मन आँखो मे, ना समझो चुप है तो तुमसे कोई शिकवा नही बाकी, हम अपने दर्द की नही रखते कोई पहचान आँखो मे,

शाम होते ही चिरागों को बुझा देता हूँ यह दिल ही काफ़ी है तेरी याद मैं जलने के लिए

ई मेरे जुर्म गिनाने वाले तेरे घर कोई आइना है क्या?

हमने आपकी यद् मे सिगरेट जलाई मगर कम्भाकत ढूएने भी तेरी तस्वीर बनाई.

बेवफा सनम से तो सिग्रत्ती अची है, बेवफा सनम से तो सिग्रत्ती एकही है , दिल जलती है, पर होतो से तो लगती ह

bewafa shayari in english

मैंने उनसे प्यार किया, यह मेरे प्यार की हद थी. मैंने उनपे इतबर किया, यह मेरे इतबर की हद थी. मरकर भी खुली रही मेरी आखें, यह मेरे इंतिज़ार की हद थी.

अगर आप किसी कों धोका देने में कामयाब हो गए तो ये मत समजना की आप कितने चालाक है ये सोचना की वो आप पर कितना विश्वास करता था

इतनी वफ़ादारी ना कर किसी से यूँ मदहोश होकर दुनिया वाले एक खता के बदले सारी वफ़ाएं भुला देते ह

कुछ उम्दा किस्म के जज़्बात हैं हमारे,कभी दिल से समझने की तकलुफ़्फ़् तो कीजिए।

मैं तेरा कोई नहीं मगर इतना तो बता ज़िक्र से मेरे, तेरे दिल में आता क्या है?

मैं फिर से, ठीक तेरे जैसे की तलाश में हूँ.. गलती कर रहा हू लेकिन होशोहवास में हू

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